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अब खेती में भी दिखेंगे रोबोट, बुवाई से लेकर फसल कटाई सब में हैं माहिर

आज हर क्षेत्र में रोबोट यानि एआइ अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर रहा है और उन्हें हम अपने नजदीक देख सकते हैं। जिन्हें हम होटलों, ऑफिसों और कारखानों में अब देखे जा रहे हैं। परंतु अब ये रोबोट मशीन विदेशों में खेती करते देखें जा रहे हैं। यह कोई कल्पना या कहानी नहीं है यह सत्य घटना है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों की देखरेख में रोबोट ने खेती-किसानी भी शुरू कर दी है। माना जा रहा इनके जरिए दुनिया में तेजी से बढ़ रही आबादी के सामने पैदा हुए खाद्य संकट से निपटा जा सकता है।

विज्ञान के इस नये प्रयोग में मानव रहित खेती के लिए शोधकर्ताओं ने कृषि के लिए उपलब्ध व्यावसायिक रोबोट मशीनों और ड्रोन्स को एक जगह से सॉफ्टवेयरों के द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।

ब्रिटेन के एक एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप ने 3 ऐसे रोबोट बनाए हैं जो कृषि कार्य कर रहे हैं। इस कंपनी ने इन एआइ पर आधारित रोबोट्स का नामाकरण भी किया है जिन्हें टॉम, डिक और हैरी नाम से पुकारते हैं।

इस स्मॉल रोबोट कंपनी के इंजीनियर ने इनके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये रोबोट्स बुवाई से लेकर फसल की कटाई तक का हर काम बेहतर तरीके से करते हैं। जहां एक रोबोट से एक ट्रैक्टर की तरह काम करता है जबकि दो रोबोट्स फसल की गुणवत्ता का ख्याल रखते हैं।

क्या फायदे हैं किसान रोबोट के

आधुनिक तकनीक मानव के मुकाबले बहुत ही सटीक और बेहतर काम करती है इन किसान रोबोटों के माध्यम से बागवानी के दौरान ये रोबोट फल के बाग की निगरानी कर सकते है और वह एक—एक फल तक गिन के बता देगा।

अगर किसी इलाके में पशुओं के चलते खेती को नुकसान होता है तो यह रोबोट उन जानवरों को वहां से खदेड़ देगा।

यह बहुत ही सुरक्षित तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करेगा।

ऑस्ट्रेलिया के किसान खेती के दौरान किसान रोबोट मशीन से खेती कर रहे हैं। इनसे खेती में बहेतर परिणाम और लाभ मिल रहा है जो प्रेरणादायक है।

किसान रोबोट से खेती में मजदूरी की लागत बहुत कम रह गई है।

लेडीबर्ड मशीन-

ऑस्ट्रेलिया में किसान रोबोट की तरह एक मशीन लेडीबर्ड है। यह मशीन खड़ी फसल के दौरान उसमें बहुत ही सुरक्षित और धीमी गति से प्रवेश करती है और यह रेंगती भी है। इसके कारण फसल को नुकसान नहीं पहुंचता है। इसकी खासियत यह है कि यह कीटनाशक का छिड़काव इतने सधे तरीके से करती है कि जरा भी नुकसान नहीं होता। वह सीधे पत्ती के रोग वाले स्थान पर ही गिरता है।

बाग की निगरानी फलों की खेती करने वाले किसान ऐसे रोबोट इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें सेंसर और लेजर लगे हैं। इससे वह खेत की 3डी फोटो खींच लेते हैं। किसान इस तस्वीर को वैज्ञानिकों को दिखाकर रोग का पता लगा लेते हैं। साथ ही बाग में उगे फल भी गिन लेते हैं। इससे किसानों को कम लागत में अच्छी पैदावार मिल रही है।

पशुओं पर रखेंगे ध्यान-

कई क्षेत्रों में किसान मवेशी पालने के लिए इन रिमोट कंट्रोल वाले रोबोट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन रोबोट की काफी अच्छी क्षमता है। ये 20 से डेढ़ सौ मवेशियों के झुंड को आसानी से अपने नियंत्रण में रख सकते हैं।

Rakesh Singh

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