Govt entrusted the responsibility of bureaucratic reforms to former Infosys CEO S.D. Shibulal.
केंद्र सरकार ने समय की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत नौकरशाही में बड़े सुधार की कवायद शुरू कर दी है। ख़ास बात ये है कि इसके लिए तकनीकी और प्रबंधन क्षेत्रों से लंबे समय से जुड़े दिग्गजों की सेवा ली जा रही है। केंद्र सरकार ने इसके तहत शिक्षालोकम के संस्थापक और इंफोसिस लिमिटेड के संस्थापक व पूर्व सीईओ एसडी शिबू लाल की अध्यक्षता में बुधवार को तीन सदस्यीय टास्क फोर्स गठित कर दी।
केंद्र सरकार के अधीन कार्मिक मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, टास्क फोर्स में अध्यक्ष एसडी शिबू लाल के अलावा ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग ग्रुप इगॉन जेहंदर के गोविंद अय्यर और एचआर टेक कंपनी पीपुल स्ट्रांग समूह के के सह-संस्थापक और ग्रुप सीईओ पंकज बंसल इसके सदस्य होंगे।
वहीं, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से जुड़े क्षमता निर्माण आयोग के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे जो टास्क फोर्स के साथ चर्चा करेंगे। टास्क फोर्स को पूरी छूट दी गई है और इस पर छह महीने में अपनी रिपोर्ट दे देगी। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में देश में सभी सिविल सेवाओं के लिए नियम आधारित प्रशिक्षण से भूमिका-आधारित क्षमता विकास में आमूल-चूल बदलाव लाने के लिए नेशनल प्रोग्राम फार सिविल सर्विसेज कैपासिटी बिल्डिंग-मिशन कर्मयोगी को मंजूरी प्रदान की है।
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