Know how Gangster Anand pal Singh was sentenced to life imprisonment after two years of Encounter.
राजस्थान के कुछ जिलों में एक वक़्त कुख़्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का खौफ़ इस कदर था कि पुलिसवाले भी उसके नाम से थर-थर कांपने लगते थे। गैंगस्टर आनंदपाल के सिर पर पुलिस ने 5 लाख का इनाम रखा हुआ था। करीब दो साल पहले एक एनकाउंटर में आनंदपाल सिंह मारा गया। लेकिन उसके ख़िलाफ़ अदालतों में अभी भी कई मुकदमे चल रहे हैं। हाल में एक मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया, जिसमें आनंदपाल समेत 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई। इसमें हैरान कर देने वाली बात यह है कि सज़ा को सुनने के लिए गैंगस्टर आनंदपाल समेत तीन दोषी अब जिंदा नहीं बचे हैं।
नागौर के खेराज हत्याकांड के मामले में डीडवाना के एडिशनल मजिस्ट्रेट ने हत्या में शामिल रहे सभी आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। आनंदपाल सिंह के अलावा इस मामले के दूसरे आरोपी और गैंगस्टर मनीष हरिजन की हत्या हो चुकी है और तीसरे आरोपी सम्पत सुराणा की भी हार्ट अटैक से मौत हो चुकी हैं। चौथा आरोपी मनजीत इस मामले में पहले से अजमेर की सेंट्रल जेल में कैद है। जबकि बाकी दो आरोपी अनिल माली और सुरेन्द्र उर्फ़ सूर्या को पुलिस न्यायालय में लेकर पहुंची थी।
कुख़्यात बदमाश आनंदपाल सिंह के मरने के बाद पहली बार वह किसी केस में दोषी ठहराया गया है। इससे पहले जिंदा रहते हुए आनंदपाल ज्यादातर मामलों में बरी हो जाता था। इस मामले में भी आनंदपाल के जीते जी कोई गवाही नहीं दे रहा था। लेकिन उसके एनकाउंटर के बाद केस में गवाह सामने आए। खेराज हत्याकांड 11 फरवरी, 2001 को नागौर में हुआ था। प्रदीप कुमार पटेल ने जसवंतगढ़ थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें कहा गया था कि खेराज राम सुजानगढ़ जा रहा था। इस दौरान रास्ते में असोटापुर गांव के पास कच्चे रास्ते में एक मोड़ पर आनंदपाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोका और उसका मर्डर कर दिया था।
जून 2017 में राजस्थान के चुरू जिले स्थित मालासर में पुलिस ने एनकाउंटर के दौरान गैंगस्टर आनंदपाल सिंह को मार गिराया था। मुठभेड़ के दौरान आनंदपाल और उसके दो साथियों ने एके 47 समेत अन्य हथियारों से पुलिस पर करीब 100 राउंड फायर किए थे। इस दौरान आनंदपाल को 6 गोलियां लगी थीं। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
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दरअसल, पुलिस को आनंदपाल के साथियों ने ही बताया था कि वह मालसर में श्रवण सिंह के मकान में छुपा हुआ है। एसओजी ने आनंदपाल के दो भाइयों देवेंद्र उर्फ़ गुट्टू और विक्की को हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार किया था। इन दोनों से पूछताछ में पता चला कि आनंदपाल मालासर में श्रवण सिंह के मकान में छिपा हुआ है। गैंगस्टर आनंदपाल सिंह 2 दिन पहले ही अपना ठिकाना बदल वहां पहुंचा था। एनकाउंटर के दौरान आनंदपाल ने पुलिस पर गोली बरसाई। इसमें कमांडो सोहन सिंह घायल हो गया, लेकिन उसकी गोली से ही आनंदपाल ढ़ेर हुआ था।
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